उमरिया।जिले के मुख्यालय अनुविभाग में पदस्थ उप पुलिस अधीक्षक नागेंद्र सिंह की अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय ने डॉक्टर ऑफ फिलॉस्फी (पीएचडी) की मानद उपाधि से विभूषित किया है,विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ एम एन द्विवेदी के गाइडेंस में डॉ नागेंद्र सिंह ने विश्वविद्यालय से समाज शास्त्र विषय पर "अपराध नियंत्रण में पुलिस की भूमिका"(सिंगरौली जिले के संदर्भ में) विषय पर शोध लेख किया जिसके परीक्षण उपरांत उन्हें 12 दिसंबर 2024 को राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने विश्वविद्यालय रीवा के परिसर में डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की गई है। डॉ नागेंद्र सिंह पुलिस सेवा जैसे चुनौती पूर्ण दायित्वों का निर्वहन करते हुए भी उच्च शिक्षा की बड़ी उपलब्धि लेने में कामयाब रहे,उनकी कामयाबी को लेकर पूरे पुलिस महकमे में उत्साह व्याप्त हैं वहीं पुलिस अधीक्षक श्री मति निवेदिता नायडू,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह सहित पूरे पुलिस महकमे ने उन्हें बधाई प्रेषित की है।
बता दें डॉ नागेंद्र सिंह सीधी जिले के रहने वाले हैं उच्च शिक्षा एपीएस यूनिवर्सिटी रीवा से ग्रहण करने के बाद मध्यप्रदेश पुलिस सेवा में वर्ष 05 मई 1999 को उपनिरीक्षक पद पर सेवारत हुए जिसके बाद क्रमशः वर्ष 2011 में निरीक्षक के पद पर एवं 2023 में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के पद पर पदोन्नत हुए हैं,वर्तमान में उमरिया एसडीओपी के पद पर कार्यरत हैं।
कुख्यात दस्यु सरगना के इनकाउंटर में शामिल रहे डॉ नागेंद्र सिंह।
सतना जिले में पदस्थापना के दौरान डॉ नागेंद्र सिंह सतना जिले के सीमावर्ती चित्रकूट मझगंवा एवं उत्तरप्रदेश के बांदा जिले के सक्रिय दस्यु सरगना सुंदर पटेल के इनकाउंटर टीम में भी शामिल रहे,कर्तव्य में निष्ठा और बहादुरी को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने वर्ष 2011 में पुरस्कार स्वरूप क्रम से पूर्व पदोन्नति प्रदान करते हुए नगर निरीक्षक बनाया था।
(ब्यूरो रिपोर्ट)
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