प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में सोलर पैनल एक किलोवाट से शुरू हो जाता है। एक किलोवाट का सोलर पैनल एक दिन में लगभग चार युनिट, दो किलोवाट का पैनल लगभग 8 युनिट, तीन किलोवाट का पैनल लगभग 12 युनिट, बिजली का उत्पादन करता है। घर की छत में लगभग 200 स्क्वायर फिट की जगह में पैनल लगाया जाता है। घर में स्मार्ट मीटर लगाया जाता है। दिन में सौलर पैनल से उत्पादित बिजली विभाग तक पहुंचती हैं। रात में विभाग से बिजली घर पहुंचती है। बिजली के बिलों में कटौती भी देखने को मिलती है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में सब्सिडी भी शासन उपभोक्ता को देती है। एक किलोवाट का खर्च लगभग 70 हजार आता हैं। जिसमें 30 हजार रुपए की सब्सिडी मिलती है। 2 किलोवाट में खर्च लगभग 1 लाख 20 हजार आती है। जिसमें 60 हजार रुपए की सब्सिडी मिलती है। 3 किलोवाट का खर्च में 2 लाख रुपए आती है। इसमें सब्सिडी 78 हजार रुपए मिलती है। योजना में 3 किलोवाट से अधिक में 70 हजार से अधिक की सब्सिडी मिलती है।
जिले के चंदिया के उपभोक्ता हरिलाल सतनामी ने बताया कि मैं आदिवासी विभाग से रिटायर्ड होने के बाद घर में तीन किलोवाट का सौलर पैनल लगवाया हूं। घर में बिजली के बिल में कटौती आई है। बिजली विभाग की अच्छी योजना है।
उमरिया के अधीक्षण अभियंता योगेश उइके ने बताया हम लगातार उपभोक्ताओं से संपर्क कर रहे हैं। 16 उपभोक्ताओं के घरों सोलर पैनल लगाया जा चुका है। उपभोक्ताओं के बिजली के बिलों में 80 प्रतिशत तक कटौती हुई है। 700 से अधिक उपभोक्ताओं के घरो में सर्वे किया गया है। स्मार्ट मीटर से बिजली खपत और बिजली विभाग को दी गई बिजली की जानकारी मिलती है। उसी के खर्च से बिजली बिल आता है। उपभोक्ताओं को लाभ है। योजना का लाभ प्राप्तब करने के लिए अधीक्षण अभियंता विद्युत विभाग अभिषेक सिंह के मोबाइल नंबर 9425184885 तथा योगेश उइके मोबाइल नंबर 7974697092 पर संपर्क किया जा सकता है ।
प्रस्तुतकर्ता
गजेन्द्र व्दिवेदी
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