उमरिया 10 दिसंबर। भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के राष्ट्रीय कल्याण सचिव एवं प्रदेश अध्यक्ष मध्य प्रदेश डॉक्टर अजय चौधरी के निर्देशन में उमरिया जिला जेल में 10 दिसंबर को विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में डी. के. सरस, राहुल अग्निहोत्री, और कीर्ति कुमार सोनी जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मानवाधिकार के महत्व और इसकी रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से चर्चा की गई। जेल प्रशासन और उपस्थित अतिथियों ने मानवाधिकार के संरक्षण और उसे बढ़ावा देने के लिए अपने विचार साझा किए। इस तरह के कार्यक्रम सामाजिक चेतना और मानवाधिकार के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उमरिया जिला जेल में आयोजित विश्व मानवाधिकार दिवस कार्यक्रम के दौरान, जेल अधीक्षक डी.के. सारस ने कैदियों और उपस्थित लोगों को मूल अधिकारों (थ्नदकंउमदजंस त्पहीजे) की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान द्वारा प्रदान किए गए ये अधिकार प्रत्येक नागरिक के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इनका उद्देश्य हर व्यक्ति के सम्मान और गरिमा की रक्षा करना है।
जेल अधीक्षक ने कहा कि भले ही व्यक्ति जेल में हो, लेकिन उसके कुछ मूल अधिकार सुरक्षित रहते हैं, जैसे न्याय पाने का अधिकार, उचित व्यवहार का अधिकार, और जीवन के अधिकार की रक्षा। उन्होंने इस मौके पर मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनके संरक्षण पर जोर दिया। उमरिया जिला जेल में आयोजित विश्व मानवाधिकार दिवस के कार्यक्रम में राहुल अग्निहोत्री ने कर्तव्यों के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जैसे अधिकार महत्वपूर्ण हैं, वैसे ही हर व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझे और उनका पालन करे। राहुल अग्निहोत्री ने यह भी उल्लेख किया कि मानवाधिकार तभी प्रभावी हो सकते हैं जब प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए दूसरों के अधिकारों का सम्मान करे। उन्होंने कैदियों और उपस्थित लोगों को यह प्रेरणा दी कि वे अपने जीवन में कर्तव्यों को प्राथमिकता देकर समाज में सकारात्मक योगदान दें।
विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर उमरिया जिला जेल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान, कीर्ति सोनी जी ने ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए बंदियों को उनी मोजे और अन्य आवश्यक वस्त्र वितरित किए। इस मानवीय पहल से बंदियों को सर्दी से राहत देने और उनके प्रति सहानुभूति दिखाने का प्रयास किया गया। कीर्ति सोनी ने कहा कि मानवाधिकार केवल अधिकारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा और बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति से भी संबंधित है। उनका यह कार्य न केवल जरूरतमंदों की मदद का उदाहरण था, बल्कि समाज में मानवता और सहानुभूति के संदेश को भी मजबूत करता है। भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के सदस्य एवं पदाधिकारी गण और जिला जेल उमरिया के कर्मचारी एवं बंदीगण उपस्थित रहे।
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